मथुरा, उत्तर प्रदेश का प्राचीन और पवित्र नगर है, जिसे भगवान श्रीकृष्ण का जन्मस्थान माना जाता है। इसका इतिहास धार्मिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।

🌟 1. प्राचीन काल
- मथुरा का उल्लेख महाभारत, पुराण और ब्रह्मवैवर्त पुराण में मिलता है।
- इसे कृष्ण की जन्मभूमि और वसुंधरा के पवित्र नगर के रूप में जाना जाता है।
- मथुरा में प्राचीन काल में ब्राह्मण, वैष्णव और काष्ठकालीन स्थापत्य की परंपरा रही।
🌟 2. धार्मिक महत्व
- भगवान कृष्ण की बाल लीला और जन्मस्थान।
- यहाँ के प्रमुख स्थल:
- कृष्ण जन्मभूमि मंदिर
- राम गढ़ किला
- वृंदावन और बरसाना (निकटवर्ती धार्मिक स्थल)
- जन्माष्टमी, होली और रासलीला का आयोजन विशेष रूप से भव्य।
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🌟 3. शासक और राजनीतिक इतिहास
- मथुरा पर प्राचीन काल में कई वंशों का शासन रहा:
- कुरु और यदु वंश (महाभारत कालीन)
- मौर्य वंश (321–185 ईसा पूर्व) – अशोक के समय महत्वपूर्ण केंद्र।
- सातवाहन और कुषाण वंश – कला और स्थापत्य का विकास।
- मुगल और मराठा शासन – मंदिरों और शहर के संरक्षण में योगदान।
🌟 4. कला और स्थापत्य
- मथुरा में मथुरा कला शैली का विकास हुआ।
- प्राचीन मूर्तियों और शिल्प में भगवान कृष्ण, बुद्ध और जैन धर्म के तत्व देखे जाते हैं।
- यहाँ के किला, मंदिर और स्तूप ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण।
🌟 5. आधुनिक महत्व
- मथुरा आज भी धार्मिक पर्यटन और तीर्थ स्थल के रूप में प्रसिद्ध है।
- यहाँ कृष्ण जन्मभूमि मंदिर, कालिंदी घाट, द्वारकाधीश मंदिर प्रमुख स्थल हैं।
- स्थानीय संस्कृति, भजन, कीर्तन और त्यौहारों के लिए मथुरा विश्व प्रसिद्ध है।